सरायकेला-खरसावां में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, DC ने लगाई फटकार
सरायकेला-खरसावां:


जिले की शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर उस समय सामने आई जब समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, छात्रों की उपस्थिति और सरकारी योजनाओं के अमल को लेकर गंभीर खामियां उजागर हुईं।
उपायुक्त ने बैठक के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि कई स्कूलों में शिक्षक बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए जा रहे हैं, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने इसे विभागीय अनुशासन की कमी बताते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक-सह-जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बिना कारण अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों और कर्मियों के खिलाफ निलंबन व सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू की जाए। समीक्षा में यह भी पाया गया कि एफएलएन मिशन, ई-विद्यावाहिनी पोर्टल, छात्रों की स्वास्थ्य जांच, आधार और जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े कार्यों में संतोषजनक प्रगति नहीं हुई है।
कई विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति लगातार कम बनी हुई है, जिसे प्रशासन ने शिक्षा विभाग की उदासीनता का संकेत बताया। वहीं उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चक्रधरपुर के जर्जर भवन का मामला भी बैठक में उठा, जहां लंबे समय से मरम्मति नहीं होने के कारण बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
योजनाओं का लाभ समय पर छात्रों तक नहीं पहुंच पाने पर भी उपायुक्त ने नाराजगी जताई और कहा कि शिक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागीय कार्यों की सख्त निगरानी के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि आगे किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह समीक्षा बैठक शिक्षा विभाग के लिए एक सख्त संदेश और चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।

