अमेरिका-ईरान तनाव पर पीएम की आपात बैठक, हेमंत सोरेन सहित सभी राज्यों को दी गई सतर्क रहने की सलाह

नई दिल्ली/रांची।


अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण हालात को देखते हुए केंद्र सरकार सतर्क मोड में आ गई है। संसद की कार्यवाही समाप्त होने के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक की। बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी शामिल हुए।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस बैठक को लेकर सख्त प्रोटोकॉल जारी किया गया था। निर्देश के अनुसार मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के अलावा किसी अन्य अधिकारी या प्रतिनिधि को शामिल होने की अनुमति नहीं थी। इतना ही नहीं, बैठक की तस्वीरें, वीडियो या अंदर की किसी भी चर्चा को सार्वजनिक करने पर भी रोक लगाई गई। इसी कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि झारखंड की ओर से बैठक में क्या सुझाव दिए गए।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने अमेरिका-ईरान युद्ध से पैदा होने वाली संभावित चुनौतियों पर राज्यों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि हालात अगर और बिगड़ते हैं, तो देश के अलग-अलग सेक्टर्स प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए राज्यों को भी अपनी तैयारियां मजबूत रखने की जरूरत है। पीएम ने राज्यों के सुझाव भी सुने और आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री इससे पहले संसद में भी तेल आपूर्ति को लेकर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि हालात COVID संकट की तरह अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं और देश को एकजुट होकर उससे निबटना होगा।
तेल आपूर्ति प्रभावित, आम लोगों की चिंता बढ़ी
अंतरराष्ट्रीय हालात का असर भारत में दिखना शुरू हो गया है। तेल और गैस का आयात धीमा पड़ने से पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति लंबी खिंचती है, तो पेट्रोल और गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से आम लोगों के जीवन पर सीधा असर पड़ेगा। आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने की भी आशंका है, जिससे आर्थिक मोर्चे पर नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
केंद्र सरकार लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रही है और राज्यों को भी एहतियात बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं। देशभर की नजर अब अंतरराष्ट्रीय हालात और केंद्र के अगले कदम पर टिकी है।

