3.5 करोड़ का मॉडर्न जाहेरथान भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा, उद्घाटन से पहले ही खुली पोल

टूईबासा के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा—सुधार नहीं तो उद्घाटन नहीं


सरायकेला/राजनगर:
सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत गेंगेरुली पंचायत के टूईबासा गांव में 3.5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मॉडर्न जाहेरथान उद्घाटन से पहले ही विवादों में घिर गया है। निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और घटिया गुणवत्ता के आरोप सामने आने के बाद ग्रामीणों ने ठेकेदार और संबंधित विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर निर्माण कार्य की खामियों को मीडिया के सामने उजागर किया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों की लागत के बावजूद निर्माण कार्य बेहद निम्न स्तर का किया गया है।

जाहेरथान परिसर में जगह-जगह दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छत और सीलिंग में दरारों के कारण पानी का रिसाव हो रहा है। पानी के लिए लगाया गया मोटर एक बार चलने के बाद ही खराब हो गया। परिसर में लगाए गए दरवाजे भी घटिया गुणवत्ता के हैं, जो ठीक से बंद तक नहीं हो रहे हैं।
इतना ही नहीं, परिसर के गार्डन में न तो पौधे लगाए गए हैं और न ही घास बिछाई गई है। बैठने के लिए रखी गई कुर्सियां टूटी हुई हैं, जबकि गेस्ट रूम में खराब पलंग रख दिए गए हैं। खिड़कियों में बड़ी-बड़ी दरारें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जाहेरथान परिसर में लगाए गए अधिकांश पंखे भी काम नहीं कर रहे हैं और बंद पड़े हैं, जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इन तमाम खामियों को देखते हुए ग्रामीणों का कहना है कि 3.5 करोड़ की यह पूरी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है।
ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा कि जब तक सभी खामियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक वे किसी भी कीमत पर उद्घाटन नहीं होने देंगे। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और निर्माण कार्य को मानकों के अनुसार दुरुस्त कराने की मांग की है।
इस दौरान ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि उन्होंने इस समस्या से सांसद जोबा माझी को भी अवगत कराया था, लेकिन आश्वासन मिलने के बावजूद आठ महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मौके पर ग्राम प्रधान चकुलाल सोरेन, पुजारी घागमत सोरेन सहित भानु टुडू, करण मुर्मू, लखना मुर्मू, सलखन सोरेन, राम सिंह मुर्मू, शिखर सोरेन, लखन मुर्मू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे।

