स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर सख्त निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई: सिविल सर्जन

जमशेदपुर, 22 अप्रैल 2026: पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने को लेकर सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और सुलभ तरीके से पहुंचाया जाए।


बैठक में कुपोषण उपचार, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, ममता वाहन, लिंगानुपात, कुष्ठ, यक्ष्मा और मलेरिया समेत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। सिविल सर्जन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए संवेदनशीलता, तत्परता और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग जरूरी है।
कुपोषण पर चिंता जताते हुए उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने और बेड ऑक्यूपेंसी में सुधार के निर्देश दिए, ताकि कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो। टीकाकरण की समीक्षा के दौरान उन्होंने शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने, घर-घर जाकर सत्यापन करने और वंचित लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रखंडों में विशेष प्रयास करने की बात कही गई। वहीं, लिंगानुपात में गिरावट को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने अवैध नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर और झोलाछाप चिकित्सकों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम और वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गतिविधियों की कड़ी निगरानी पर भी जोर दिया गया। एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में जांच अभियान तेज करने और आयरन की गोलियों का अनावश्यक भंडारण नहीं करने की चेतावनी दी गई।
सिविल सर्जन ने आगामी 24 अप्रैल को गुड़ाबंधा प्रखंड के बनमकड़ी अस्पताल में आयोजित दिव्यांग शिविर की सफलता के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए और बहरागोड़ा व धालभूमगढ़ के अधिकारियों को बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा।
बैठक में डॉ. अजय कुमार सिन्हा, डॉ. जोगेश्वर प्रसाद, डॉ. रंजीत पांडा, डॉ. मृत्युंजय धावड़िया सहित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, परामर्शी, एनजीओ प्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मी उपस्थित रहे।

