राजनगर में जनआक्रोश: ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ सड़क पर उतरे ग्रामीण

सरायकेला-खरसावां के राजनगर क्षेत्र में रुंगटा कंपनी के खिलाफ लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़क हादसे में पशुपालक रातू हांसदा की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है और अब प्रदर्शन और उग्र होता दिख रहा है। हालात को देखते हुए SDPO भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।


प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि रुंगटा कंपनी की भारी वाहनें तेज रफ्तार और ओवरलोड होकर लगातार इस मार्ग से गुजरती हैं, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी की वजह से कई लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।
लोगों ने साफ कहा कि कंपनी की गाड़ियों पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मांग उठाई है कि इस मार्ग पर रुंगटा कंपनी की भारी वाहनों के लिए NO ENTRY लागू किया जाए या फिर उनकी आवाजाही को नियंत्रित किया जाए, ताकि आम लोगों की जान सुरक्षित रह सके।
ग्रामीणों का कहना है कि तेज रफ्तार और ओवरलोड गाड़ियों के कारण सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। खासकर बाजार और आबादी वाले इलाकों में कंपनी के ट्रकों की रफ्तार लोगों के लिए खतरा बन चुकी है। प्रशासन से कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है।
फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है, लेकिन लोगों का साफ कहना है कि जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।

