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चांडिल: 22 अगस्त को होगा पितकी रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण, जाम से मिलेगी स्थायी राहत

 चांडिल:  पितकी में लंबे समय से प्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज अब लोगों के आवागमन के लिए तैयार है। 22 अगस्त को इसका लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में रक्षा राज्यमंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। ओवरब्रिज के शुरू होने के बाद पितकी रेलवे फाटक पर ट्रेनों के गुजरने के दौरान लगने वाले लंबे जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

 

पितकी रेलवे फाटक चांडिल-पुरुलिया मार्ग पर स्थित होने के कारण यहां रेल परिचालन के समय वाहनों की लंबी कतार लग जाती थी। जाम का असर स्थानीय लोगों के साथ स्कूली विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले यात्रियों पर पड़ता था। ओवरब्रिज के चालू होने से अब वाहनों को रेलवे फाटक पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

ओवरब्रिज को पहले 31 जुलाई तक चालू करने की तैयारी थी, लेकिन मानसून की लगातार बारिश के चलते निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। बारिश से कुछ निर्माण सामग्री खराब होने के बाद उसे हटाकर दोबारा काम करना पड़ा। मौसम में सुधार के बाद सड़क की अंतिम परत, कालीकरण, सुरक्षा संकेतक और अन्य जरूरी कार्य पूरे किए गए।

 

कोल्हान और बंगाल के यात्रियों को भी फायदा

 

चांडिल-पुरुलिया मार्ग क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह सड़क जमशेदपुर, सरायकेला और चाईबासा सहित कोल्हान के विभिन्न इलाकों को राज्य के दूसरे हिस्सों से जोड़ती है। इसी मार्ग से पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, आसनसोल और दुर्गापुर की ओर भी बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। ओवरब्रिज शुरू होने के बाद इस मार्ग पर यात्रा का समय कम होने और यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

 

तीन रेल पटरियों के ऊपर बना ओवरब्रिज

 

पितकी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण तकनीकी रूप से आसान नहीं था। चांडिल-पुरुलिया मार्ग पर प्रस्तावित चार ओवरब्रिज में पितकी का काम सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। यहां तीन रेलवे ट्रैक हैं और एक ट्रैक बाकी दो से काफी दूरी पर स्थित है। इसी वजह से ओवरब्रिज की संरचना को अधिक लंबा रखना पड़ा।

 

वहीं, निर्माण स्थल से करीब 500 मीटर की दूरी पर चांडिल जंक्शन होने के कारण रेलवे लाइन के ऊपर स्टील गार्डर लगाने का काम भी बेहद सावधानी से करना पड़ा। रेल परिचालन को लंबे समय तक बाधित किए बिना निर्माण पूरा करने की चुनौती निर्माण एजेंसी के सामने थी।

 

बारिश से प्रभावित हुआ अंतिम चरण का काम

 

ओवरब्रिज के निर्माण में तेजी लाने के लिए रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ द्वारा अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और कार्य की प्रगति की समीक्षा करने की बात सामने आई है। एनएचएआई और रेलवे के अधिकारियों को समय पर निर्माण पूरा करने के निर्देश भी दिए गए थे।

 

निर्माण अंतिम चरण में पहुंचने के दौरान जुलाई के अंतिम दिनों में हुई तेज बारिश से काम प्रभावित हुआ। पुल पर बिछाई गई सामग्री खराब होने के बाद उसे हटाकर फिर से लगाया गया। इसके बाद कालीकरण, सुरक्षा संकेतक और अन्य जरूरी काम पूरे किए गए।

 

अब निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 22 अगस्त को पितकी रेलवे ओवरब्रिज के लोकार्पण की तैयारी की जा रही है। इसके शुरू होने के साथ ही पितकी रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से स्थानीय लोगों के अलावा कोल्हान और पश्चिम बंगाल की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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