108 एम्बुलेंस सेवा का टेंडर रद्द कर जिला स्तर पर संचालन शुरू करे सरकार : एम्बुलेंस कर्मचारी संघ

08 सितंबर तक सेवा शुरू नहीं हुई तो आंदोलन का निर्णय लेने की चेतावनी


झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ (सम्बद्ध-भारतीय मजदूर संघ) ने राज्य में 108 एम्बुलेंस सेवा के संचालन के लिए जारी वर्तमान टेंडर प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। संघ ने सरकार से अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के निर्देश के अनुरूप सभी जिलों में सिविल सर्जन के माध्यम से 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन 08 सितंबर 2026 तक शुरू कराने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय की ओर से जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से 108 एम्बुलेंस सेवा के संचालन को लेकर निर्देश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद अब तक इसे प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर जिला प्रशासन के माध्यम से सेवा का संचालन होने से एम्बुलेंस सेवा की बेहतर निगरानी हो सकेगी। साथ ही कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा और सरकारी राशि की बचत भी सुनिश्चित होगी।
नीरज तिवारी ने कहा कि निजी एजेंसी के माध्यम से 108 एम्बुलेंस सेवा के संचालन के दौरान एम्बुलेंस के रख-रखाव, ईंधन, कर्मचारियों के वेतन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। इसका सीधा असर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और समय पर उपलब्धता पर पड़ता है।
संघ ने निजी कंपनी द्वारा कथित रूप से अवैध तरीके से सेवा से हटाए गए 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों को तत्काल पुनः सेवा में बहाल करने की भी मांग की है। संघ का कहना है कि वर्षों से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा में कार्य कर रहे कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
संघ ने सरकार से मांग की है कि 08 सितंबर 2026 तक वर्तमान टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर सभी जिलों में जिला स्तर पर 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन शुरू कराया जाए तथा हटाए गए कर्मचारियों की पुनर्बहाली की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संघ ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो राज्यभर के 108 एम्बुलेंस कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनात्मक निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे।


