Newsझारखण्डसरायकेला

बोतरबेड़ा में 80 साल पुरानी फुटबॉल परंपरा का दिखा जुनून, 48 टीमों ने लिया हिस्सा

 

 

दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता में उमड़ा हजारों दर्शकों का हुजूम, सांसद जोबा माझी ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

 

राजनगर। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी सितंबर माह के दूसरे रविवार को बोतरबेड़ा गांव में दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता 2026 का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों के साथ-साथ ग्रामीणों और खेलप्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। मैदान में रोमांचक मुकाबलों का आनंद लेने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचे और पूरे आयोजन के दौरान फुटबॉल का जुनून देखते ही बना।

 

इस वर्ष प्रतियोगिता में कुल 48 टीमों ने हिस्सा लिया। विजेता टीम के लिए खस्सी एवं 35 हजार रुपये नकद, जबकि उपविजेता टीम को खस्सी एवं 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

 

कार्यक्रम में पश्चिम सिंहभूम की सांसद जोबा माझी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में झामुमो केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के, समाजसेवी कालीपद सोरेन समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा खेल को ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहतर मंच बताया।

 

1946 से चली आ रही है फुटबॉल की परंपरा

 

बोतरबेड़ा की यह फुटबॉल प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि दशकों पुरानी खेल और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। बताया गया कि यहां फुटबॉल प्रतियोगिता की शुरुआत वर्ष 1946 में हुई थी। इसके बाद से प्रत्येक वर्ष सितंबर माह के दूसरे रविवार को इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। करीब 80 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा ने क्षेत्र में फुटबॉल के प्रति युवाओं का उत्साह और जुनून बनाए रखा है।

 

फाइनल में गुरमा एफसी और पानतांति कल्याण समिति आमने-सामने,जिसमें पान तांति कल्याण समिति विजेता बनी वहीं गुरमा एफसी उप

प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला गुरमा एफसी और पनतंति कल्याण समिति के बीच खेला गया। फाइनल मुकाबले को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह रहा। मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, जिससे मुकाबला रोमांचक बना रहा।

 

आयोजन स्थल पर हजारों दर्शकों की मौजूदगी ने प्रतियोगिता को और भव्य बना दिया। दर्शक अपनी पसंदीदा टीम और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते नजर आए।

 

आयोजन समिति और ग्रामीणों का सराहनीय योगदान

 

प्रतियोगिता को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष रामलाल बेसरा, सचिव शांखो मुर्मू और कोषाध्यक्ष चैतन हांसदा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा ग्राम प्रधान के भाई सुरेश मुर्मू, कोकिल प्रमाणिक, बबलू गोप, मिर्जा सोरेन, राजीव सोरेन, गोपाल मुर्मू समेत बोतरबेड़ा गांव के सभी ग्रामीणों ने आयोजन को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया।

 

ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास और खेलप्रेमियों की भारी भीड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बोतरबेड़ा में फुटबॉल सिर्फ खेल नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही एक मजबूत परंपरा और लोगों की भावनाओं से जुड़ा उत्सव है।

 

 

Share this news