नीमडीह में अवैध बालू लदा हाइवा जब्त, NGT प्रतिबंध के बीच परिवहन पर उठे सवाल

नीमडीह: सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड के जुगीलोंग गांव में रविवार को अंचलाधिकारी द्वारा बालू लदे एक हाइवा को रोक कर जांच किया गया। जांच के दौरान चालक द्वारा किसी भी तरह का वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे अंचलाधिकारी द्वारा हाइवा को जप्त कर एक जगह पर रख दिया गया। अंचलाधिकारी अभय कुमार द्विवेदी द्वारा जप्त बालू लदे हाइबा करीब चार घंटे के बाद छोड़ दिया गया। क्या जप्त बालू लदे हाइबा संख्या JH 0 5EC 4792 में जप्त तिथि 14-06-2026 समय करीब 9 बजे किसी प्रकार का वैध चालान किसी स्टोक यार्ड से निर्गत किया गया था। नहीं तो कैसे छोड़ दिया गया।


अवैध स्क्रैप टाल पर रखा गया बालू लदे हाइबा गायब कैसे हो गया। लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि बालू तिरुलडीह क्षेत्र की सुवर्णरेखा नदी से लाया जा रहा था, हालांकि इसकी पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।प्रतिबंध के बावजूद बालू परिवहन पर सवाल बरसात के मौसम को देखते हुए बालू खनन एवं उठाव पर लगाए गए प्रतिबंध के बीच इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अब भी बालू से लदे वाहन देखे जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई मार्गों से लगातार बालू का परिवहन किया जा रहा है, जिससे नियमों के अनुपालन पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।कार्रवाई के बाद कुछ वाहन मालिकों और चालकों के बीच यह चर्चा भी रही कि जांच के दौरान चालक के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया।

हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है और न ही प्रशासन ने इस पर कोई बयान जारी किया है।प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान अवैध खनन और परिवहन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने मांग किया है कि हाइबा को जप्त करने एवं छोड़ने के समय वाहन संख्या के नाम वैध चालान निर्गत किया गया था कि नहीं इसपर निष्पक्ष जांच हो और दोषी पदाधिकारी पर कारवाई सुनिश्चित किया जाए।


