सरायकेला की पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष ने विभागीय सचिव को लिखा पत्र

सरायकेला: नगर पंचायत क्षेत्र में लगातार बाधित हो रही पेयजल आपूर्ति को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव को पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने जलापूर्ति संयंत्र (WTP) में बार-बार मोटर जलने, तकनीकी लापरवाही और स्थायी समाधान में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।


अध्यक्ष ने पत्र में कहा है कि पिछले चार महीनों में WTP की मोटर तीन बार जल चुकी है, जिससे नगरवासियों को बार-बार पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पूर्व में तकनीकी सर्वे के आधार पर 90 हॉर्स पावर की मोटर लगाने की अनुशंसा की गई थी, तो अब तक उस पर अमल क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि मोटर की सुरक्षा के लिए रिले, ट्रिपिंग सिस्टम और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश कई बार दिए गए, लेकिन उनका पालन नहीं हुआ। इससे जलापूर्ति संयंत्र के संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
पत्र में JUSCO से विद्युत संयोजन अथवा JBVNL से डेडिकेटेड बिजली लाइन उपलब्ध कराने की लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की गई है, ताकि जलापूर्ति व्यवस्था को स्थायी और निर्बाध बनाया जा सके।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने सचिव से पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने, बार-बार मोटर जलने के वास्तविक कारणों का पता लगाने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा 90 HP मोटर और सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की शीघ्र स्थापना सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि विभागीय कार्यों, संवेदक की भूमिका अथवा वित्तीय और तकनीकी प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनियमितता या मिलीभगत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही विभाग को पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यशैली अपनाने की भी सलाह दी है।
इस संबंध में भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि मुख्य अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, उपायुक्त सरायकेला-खरसावां, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल तथा नगर पंचायत सरायकेला के कार्यपालक पदाधिकारी को भी भेजी गई है।

