सरायकेला में बच्चा चोरी की अफवाह पर पुलिस अलर्ट: एसपी के निर्देश पर सभी थानों में लगाए जा रहे जागरूकता बैनर

सरायकेला-खरसावां जिले में हाल के दिनों में बच्चा चोरी की अफवाहों और भीड़ द्वारा संदिग्ध लोगों के साथ मारपीट की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए जिले की नई पुलिस कप्तान ने पदभार संभालते ही इस मुद्दे को प्राथमिकता में रखते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर जिले के सभी थाना परिसरों एवं सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता बैनर लगाए जा रहे हैं, ताकि आम जनता को अफवाहों से सावधान किया जा सके और कानून को अपने हाथ में लेने से रोका जा सके।


थानों में लगाए जा रहे बैनरों में स्पष्ट संदेश दिया गया है कि “बच्चा चोर की अफवाह से सावधान, कानून अपने हाथ में न लें।” इसके साथ यह भी बताया गया है कि भीड़ द्वारा किसी संदिग्ध व्यक्ति की पिटाई करना गैरकानूनी है। कई बार केवल शक के आधार पर निर्दोष लोगों को भीड़ का शिकार होना पड़ता है, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ती है और निर्दोष व्यक्ति को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
बैनर में लोगों से अपील की गई है कि यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध प्रतीत होता है, तो उसके साथ मारपीट करने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें। इसके लिए डायल 112 पर संपर्क करने को कहा गया है। पुलिस का कहना है कि बच्चा चोरी की अफवाहें अक्सर सोशल मीडिया और आपसी चर्चाओं के जरिए फैलती हैं, जिनकी सत्यता की पुष्टि नहीं होती। ऐसी अफवाहें कई बार भय और हिंसा का कारण बनती हैं।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें और ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में अफवाहों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दें। खासकर बाजार, हाट, चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों को समझाने के लिए बैनर और पोस्टर लगाए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेना एक दंडनीय अपराध है। यदि कोई व्यक्ति किसी संदिग्ध के साथ मारपीट करता है या अफवाह फैलाने में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में भीड़ को न्याय करने का अधिकार नहीं है; यह कार्य केवल कानून और पुलिस प्रशासन का है।
सरायकेला-खरसावां पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे बढ़ाएं। सतर्कता और समझदारी से ही ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। पुलिस का उद्देश्य है कि जिले में शांति व्यवस्था बनी रहे और कोई भी निर्दोष व्यक्ति अफवाह का शिकार न बने।

प्रशासन की इस पहल को कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि आम लोग पुलिस के साथ सहयोग करें और अफवाहों से बचें, तो भीड़ हिंसा जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

