सरायकेला नगर पंचायत की प्राथमिकताओं पर विवाद, विधायक प्रतिनिधि ने मांगा जवाब

सरायकेला: सरायकेला विधायक प्रतिनिधि सनंद आचार्य ने नगर पंचायत की 9 जुलाई 2026 को आयोजित बोर्ड बैठक की प्राथमिकताओं और कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। जारी प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या पेयजल है, लेकिन इसके बावजूद बैठक के एजेंडे में जलापूर्ति से जुड़े मुद्दे को अंतिम क्रम में रखा गया। उनके अनुसार, अतिक्रमण हटाने, टोल यूजर चार्ज, राजस्व वृद्धि, विभिन्न समितियों के गठन और वित्तीय समीक्षा जैसे विषयों को पहले स्थान पर रखा गया, जबकि पेयजल जैसे जनहित के मुद्दे को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिली।


उन्होंने कहा कि यदि नगर में जल संकट सबसे गंभीर समस्या है, तो शहरी जलापूर्ति योजना पर चर्चा एजेंडे के शुरुआती बिंदुओं में होनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि नगर पंचायत की पिछली दो बोर्ड बैठकों में लिए गए निर्णयों और उनके क्रियान्वयन की स्थिति क्या है तथा क्या जलापूर्ति योजना को नागरिकों की मांग के बाद एजेंडे में शामिल किया गया।
सनंद आचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि बोर्ड बैठक संपन्न हुए कई दिन बीत जाने के बाद भी उसकी कार्यवाही सार्वजनिक नहीं की गई है। उनका कहना है कि बैठक में शहरी जलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव पारित होने के बावजूद संबंधित विभाग को आवश्यक पत्र नहीं भेजा गया, जिससे योजना की प्रगति प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी से मांग की है कि बोर्ड बैठक की कार्यवाही सार्वजनिक की जाए, जलापूर्ति योजना से जुड़े पत्राचार की स्थिति स्पष्ट की जाए और इस मामले में हुई देरी के लिए जिम्मेदार पक्ष की जानकारी दी जाए।

