टाटा विस्थापित रैयतों की समस्या पर उपायुक्त सख्त, मालगुजारी नहीं कटने पर जांच के आदेश

जमशेदपुर: टाटा कंपनी के विस्थापित रैयतों की जमीन से जुड़ी समस्या को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम से मुलाकात की गई। रैयतों ने बताया कि उनकी कई जमीनें टाटा लीज क्षेत्र से बाहर हैं, जिन पर उनका वैध कब्जा है और खतियान भी झारखंड सरकार के ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज है, इसके बावजूद अंचल कार्यालय द्वारा मालगुजारी नहीं काटी जा रही है।


रैयतों ने कहा कि इस कारण उन्हें कई तरह की कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मालगुजारी नहीं कटने से भविष्य में भूमि विवाद की आशंका बढ़ रही है, वहीं सरकारी योजनाओं और बैंकिंग कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जांच का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जब जमीन का खतियान ऑनलाइन दर्ज है, तो मालगुजारी रसीद नहीं कटना गंभीर विषय है। साथ ही रैयतों को आश्वासन दिया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव मदद करेगा।
रैयतों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा, जिससे उन्हें उनके वैध अधिकारों के अनुरूप राहत मिल सके।
मौके पर हरमोहन महतो, दीपक रंजीत, तपन पांडा, मधुसूदन माझी, समतुला सिंह भूमिज, राम सिंह भूमिज, युधिष्ठिर सिंह, आशीष कुमार गौड़, प्रहलाद गोप, अनीता रजक, कंचन रजक, जदोब सिंह भूमिज, तपन महतो, मनोज कुमार बंदरा समेत अन्य मौजूद थे।


