श्रीनाथ विश्वविद्यालय में एआई और मशीन लर्निंग पर पाँच दिवसीय एफडीपी का समापन, देशभर के 90 से अधिक शिक्षकों ने लिया भाग

जमशेदपुर: श्रीनाथ विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय राष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। “सतत विकास के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग का प्रभाव” विषय पर आधारित यह ऑनलाइन कार्यक्रम 21 से 25 जुलाई तक आयोजित किया गया।


कार्यक्रम में झारखंड, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों से 90 से अधिक शिक्षकों, शोधार्थियों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। एफडीपी का उद्देश्य प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) जैसी आधुनिक तकनीकों के मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बढ़ते उपयोग तथा सतत विकास में उनकी भूमिका से अवगत कराना था।
पाँच दिनों तक चले इस कार्यक्रम में वीएनआईटी नागपुर, एनआईटी सुरथकल, एनआईटी जमशेदपुर, एमआईटी मणिपाल, अमृता स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग, सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुणे तथा श्रीनाथ विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने विभिन्न तकनीकी विषयों पर व्याख्यान दिए। इस दौरान स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, एआई आधारित प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस, मशीन लर्निंग, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, पॉलिमर एवं कंपोजिट मैटेरियल सहित कई समकालीन विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
समापन समारोह की शुरुआत एफडीपी के संयोजक डॉ. कमलेन्द्र विक्रम के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी विशेषज्ञ वक्ताओं, प्रतिभागियों, आयोजन समिति और विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सह-संयोजक डॉ. वसीम अकरम, निलय मंडल एवं चंदन कुमार के योगदान की भी सराहना की।
समारोह के मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. एन. सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग भविष्य की इंजीनियरिंग शिक्षा की आधारशिला बन चुकी हैं। उन्होंने शिक्षकों और शोधकर्ताओं से इन तकनीकों को शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया, ताकि विद्यार्थी इंडस्ट्री 4.0 की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
इस अवसर पर प्रतिभागियों से प्राप्त फीडबैक भी साझा किया गया। अधिकांश प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ व्याख्यानों की गुणवत्ता, विषयों की उपयोगिता और कार्यक्रम के प्रभावी संचालन की सराहना करते हुए इसे ज्ञानवर्धक एवं शोधोन्मुख बताया।
सह-संयोजक डॉ. वसीम अकरम ने विश्वविद्यालय प्रशासन, विशेषज्ञ वक्ताओं, तकनीकी टीम, छात्र स्वयंसेवकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. जे. राजेश ने कहा कि इस प्रकार के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों की क्षमता वृद्धि, अनुसंधान संस्कृति को बढ़ावा देने और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समापन समारोह में असिस्टेंट डीन (रिसर्च) डॉ. शैलेश शरांगी, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के प्रमुख शशिकांत सिंह, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष अभिषेक कुमार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, विशेषज्ञ वक्ता एवं देशभर से जुड़े प्रतिभागी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय ने इस सफल आयोजन के माध्यम से शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर मजबूत किया।

