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कांड्रा में अनुकंपा की नौकरी को लेकर घमासान, आश्रित परिवार के समर्थन में उतरी JLKM; हजारों कार्यकर्ता धरने पर डटे

गम्हरिया/सरायकेला-खरसावां। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत कांड्रा में अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड के मुख्य गेट के बाहर अनुकंपा के आधार पर नौकरी की मांग को लेकर चल रहा आश्रित परिवार का अनिश्चितकालीन धरना अब जोर पकड़ने लगा है। परिवार के समर्थन में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता और हजारों कार्यकर्ता धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलन के साथ मजबूती से खड़े नजर आए।

 

स्वर्गीय अशोक कुमार महतो के निधन के बाद उनके आश्रित परिवार ने कंपनी में स्थायी नौकरी की मांग उठाई है। परिवार का कहना है कि अशोक कुमार महतो अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड में लैब असिस्टेंट के पद पर स्थायी रूप से कार्यरत थे। उनके निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी को लेकर परिजन अनुकंपा के आधार पर नौकरी की मांग कर रहे हैं।

 

परिवार के मुताबिक, इस मांग को लेकर कंपनी प्रबंधन के साथ पांच दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। आखिरकार परिजनों ने कंपनी के मुख्य गेट के सामने अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया।

इसी बीच JLKM ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दे दिया। जिला अध्यक्ष दीपक महतो, सरायकेला विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी प्रेम मार्डी, गोपेश महतो, परवंशु महतो, संजय महतो और आस्तिक महतो समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता धरनास्थल पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने परिवार की मांग को जायज बताते हुए उनके साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही।

 

धरनास्थल पर मौजूद JLKM कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि आश्रित परिवार अकेला नहीं है। जब तक मामले में सकारात्मक पहल नहीं होती, पार्टी कार्यकर्ता परिवार के साथ डटे रहेंगे। नेताओं ने कंपनी प्रबंधन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मामले में हस्तक्षेप कर जल्द समाधान निकालने की मांग की।

 

वहीं, धरने पर बैठे परिवार का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। परिवार को उम्मीद है कि कंपनी प्रबंधन उनकी परिस्थितियों को समझते हुए अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की दिशा में जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा।

 

मामले में कंपनी प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कंपनी के किसी अधिकारी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

 

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड प्रबंधन आश्रित परिवार की मांग पर कोई सकारात्मक फैसला लेगा, या फिर यह अनिश्चितकालीन धरना आगे और लंबा चलेगा?

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