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धमकी भरे पत्र से मेरी आवाज नहीं दबेगी, जनता ने चुनकर भेजा है, जनता के लिए दिन-रात खड़ा रहूंगा: मनोज चौधरी

 

सरायकेला। सदर अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और कथित लापरवाही को लेकर उठे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता और मरीजों की आवाज उठाना उनका दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी दबाव या धमकी के कारण वे अपने कदम पीछे नहीं हटाएंगे।

 

मनोज कुमार चौधरी ने कहा, “मैं जनप्रतिनिधि हूं। जनता ने मुझे चुनकर भेजा है। मेरे क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे जिले के दूर-दराज इलाकों से सदर अस्पताल पहुंचने वाले गरीब और ग्रामीण मरीजों को यदि समुचित इलाज नहीं मिलता या उनके साथ किसी तरह की लापरवाही होती है, तो संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत करना मेरा अधिकार और दायित्व है। जरूरत पड़ी तो इस मामले को मुख्यमंत्री तक भी पहुंचाऊंगा।”

 

उन्होंने कहा कि वे किसी के दबाव में आने वाले नहीं हैं। धमकी भरे पत्र से उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि वे जनता के लिए खड़े हैं और आगे भी दिन-रात जनता के हित में काम करते रहेंगे।

 

चौधरी के मुताबिक, मरीजों और उनके परिजनों से शिकायत मिलने के बाद ही वे अस्पताल पहुंचकर वहां की स्थिति की जानकारी लेते हैं। यदि किसी चिकित्सक या कर्मचारी की कार्यप्रणाली में कमी दिखाई देती है, तो उन्हें अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने की बात कही जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे धमकी, दुर्व्यवहार या जातिसूचक टिप्पणी से जोड़ना निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण है।

 

नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सदर अस्पताल को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कभी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने, कभी निर्धारित ड्यूटी के अनुसार चिकित्सक के मौजूद नहीं रहने और कई मरीजों को दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर किए जाने जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण परिजनों को निजी वाहनों से दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ता है।

 

उन्होंने आपातकालीन सेवा में चिकित्सक के कथित तौर पर 30 से 40 मिनट तक अनुपस्थित रहने को गंभीर विषय बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। चौधरी ने विशेष रूप से 18 अगस्त की सुबह हुई घटना को लेकर अस्पताल के निगरानी कैमरों की फुटेज, ड्यूटी रोस्टर और संबंधित चिकित्सक की उपस्थिति की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

 

मनोज चौधरी ने कहा कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए संसाधन उपलब्ध करा रही है। ऐसे में सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास यही है कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का पूरा लाभ मिले।

 

उन्होंने कहा, “मैं एक जनप्रतिनिधि हूं। मेरी आवाज कोई दबा नहीं सकता। जनता ने मुझे चुनकर भेजा है और मैं जनता के लिए 24 घंटे खड़ा रहूंगा। किसी के दबाव में चुप बैठने वाला नहीं हूं। धमकी भरे पत्र से डरने वाला नहीं हूं। मरीजों और गरीबों की आवाज उठाना यदि गलत है, तो इसका फैसला जनता की अदालत करेगी।”

 

चौधरी ने कहा कि पूरे मामले को सरकार, पार्टी के जिला अध्यक्ष और पार्टी नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर वे जनता के बीच जाकर भी पूरे मामले की जानकारी रखेंगे।

 

उन्होंने दोहराया कि “जनता ही मेरी ताकत है, जनता ही मेरा परिवार है और जनता के हित के लिए मेरी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।”

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