रांची में देवेंद्रनाथ महतो का बड़ा ऐलान, 24 अगस्त से नेमरा से शुरू होगी ‘भर्ती सुधार यात्रा’

रांची में प्रेस वार्ता के दौरान छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन के अगले चरण का ऐलान किया। उन्होंने सरकार की कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए।


देवेंद्रनाथ महतो के मुताबिक, छात्रों के लगातार आंदोलन के बाद सरकार ने 17 अगस्त को 22 परीक्षाओं को रद्द करने और 23 अन्य परीक्षाओं की जांच कराने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि JPSC, FSO, CDPO और JSSC CGL समेत कई परीक्षाओं से जुड़े मामले न्यायालय तक पहुंचे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जांच में गड़बड़ियों के तथ्य सामने आए हैं, तो अदालत में सरकार ने CID जांच रिपोर्ट को मजबूती से क्यों नहीं रखा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य किसी निर्दोष अभ्यर्थी की नौकरी छीनना नहीं है। जो छात्र बिना किसी गलती के चयनित हुए हैं, उनके भविष्य की जिम्मेदारी भी सरकार को लेनी चाहिए। उनका कहना है कि कार्रवाई परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर होनी चाहिए।
देवेंद्रनाथ महतो ने बताया कि भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अभियान की शुरुआत 2 जुलाई से हुई थी। इसके बाद 5 जुलाई से आंदोलन, 25 जुलाई से सत्याग्रह और 2 अगस्त से भूख हड़ताल का चरण चला। अब आंदोलन को राज्यव्यापी रूप देने के लिए 24 अगस्त से ‘भर्ती सुधार यात्रा’ शुरू करने की घोषणा की गई है।
यह यात्रा शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से शुरू होगी। यात्रा के दौरान झारखंड के अलग-अलग जिलों में छात्रों, शिक्षकों, प्रोफेसरों और आम लोगों के बीच भर्ती व्यवस्था को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
देवेंद्रनाथ महतो ने सरकार से मांग की कि भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने की ठोस गारंटी दी जाए। उन्होंने कहा कि जिन परीक्षाओं में जांच के बाद गड़बड़ियां सामने आई हैं, उनमें जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। नगरपालिका, लॉ असिस्टेंट, हेड वर्कर, सहायक पुलिस समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों को भी आंदोलन में शामिल करने की बात कही गई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी न्यायालय की सुनवाई में यदि सरकार ने मजबूती से अपना पक्ष नहीं रखा, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत मुख्यमंत्री आवास घेराव, चक्का जाम और जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल परीक्षाएं रद्द कराना नहीं, बल्कि झारखंड में ऐसी पारदर्शी भर्ती व्यवस्था तैयार कराना है, जिसमें भविष्य में पेपर लीक, धांधली और भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।


