जंगलों में बसे लोगों को अधिकार दिलाना ही बिरसा मुंडा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि : जोबा माझी

गोइलकेरा: गोइलकेरा प्रखंड के सुदूरवर्ती सारूडा गांव में मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानी एवं जननायक भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनायी गई। भगवान बिरसा मुंडा कल्याण समिति, सारूडा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सिंहभूम सांसद Joba Majhi मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।


कार्यक्रम में सांसद के अलावा गुदड़ी प्रखंड प्रमुख सामी भेंगरा, जिला परिषद सदस्य सुनीता लुगुन, झारखंड आंदोलनकारी बिरसा मुंडा, गोइलकेरा के उप प्रमुख वरदान भुइंया समेत क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने सारूडा गांव में स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सांसद जोबा माझी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करने के साथ-साथ समाज के वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए भी लड़ाई लड़ी। उनके विचारों और सिद्धांतों का अनुसरण आज भी प्रासंगिक है।

उन्होंने कहा कि जंगलों में रहने वाले लोगों को उनके अधिकार दिलाना ही भगवान बिरसा मुंडा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सांसद ने क्षेत्र के विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करने का आह्वान करते हुए बताया कि गोइलकेरा, गुदड़ी, सोनुवा और आनंदपुर क्षेत्र में सड़क एवं पुल-पुलियों के निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए भी वे स्वयं तथा विधायक जगत माझी गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं।
सांसद ने ग्रामीणों से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की तथा बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देने पर भी बल दिया। कार्यक्रम को झारखंड आंदोलनकारी बिरसा मुंडा, सुनीता लुगुन, सामी भेंगरा और अकबर खान समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक आदिवासी नृत्य के माध्यम से सांसद एवं अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बिरसा मुंडा पब्लिक स्कूल, सारूडा के निर्माण के लिए भूमि दान करने वाले ग्रामीणों को सांसद के हाथों सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन कुशल रुगु ने किया। इस अवसर पर बिरकेल की मुखिया कुंवारी बरजो, ग्रामीण मुंडा मंगरा मुंडा, रमेश लुगुन, चंदन बरजो, अल्फ्रेड भुइंया समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

