धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि

सरायकेला: धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर मंगलवार को सरायकेला के बिरसा चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और योगदान को याद करते हुए उन्हें स्वाभिमान, अस्मिता, अधिकार और जनसंघर्ष का प्रतीक बताया।


मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि साधारण परिवार में जन्म लेकर बिरसा मुंडा ने असाधारण संघर्ष का इतिहास रचा। जब जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और पहचान पर संकट आया, तब उन्होंने आदिवासी समाज को संगठित कर अन्याय और शोषण के खिलाफ उलगुलान का बिगुल फूंका। उनका संदेश “अबुआ दिसुम, अबुआ राज” आज भी समाज को आत्मसम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि धरती आबा ने सिखाया कि सच्चा नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि संघर्ष, त्याग और समाज के प्रति समर्पण से बनता है। जनसेवा के मार्ग में यदि जनता के हित में कार्य करते हुए आलोचना, विरोध अथवा अपनों की नाराजगी भी सहनी पड़े, तो उसे विनम्रतापूर्वक स्वीकार करना चाहिए। इतिहास इस बात का साक्षी है कि परिवर्तन का प्रत्येक प्रयास चुनौतियों और संघर्षों से होकर गुजरता है।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में अनेक बाधाएं आती हैं, लेकिन यदि उद्देश्य जनहित और समाज का कल्याण हो तो संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन यह विश्वास दिलाता है कि सत्य, साहस और जनसेवा का मार्ग कठिन अवश्य होता है, लेकिन अंततः वही समाज को नई दिशा प्रदान करता है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने धरती आबा को नमन करते हुए स्वच्छ, सुंदर, शिक्षित, जागरूक एवं आत्मसम्मान से परिपूर्ण सरायकेला के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया।

