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विधायक सविता महतो ने भू-अर्जन व पुनर्वास की समीक्षा बैठक में उठाए 19 सूत्री मुद्दे, 116 गांवों के पूर्ण पुनर्वास और नियोजन की मांग 

आदित्यपुर/जमशेदपुर: सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के अंतर्गत भू-अर्जन एवं पुनर्वास से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को आदित्यपुर स्थित सुवर्णरेखा परियोजना कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता परियोजना के प्रशासक राजीव रंजन एवं ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने की।

बैठक में भू-अर्जन, पुनर्वास, मुआवजा, रोजगार तथा परियोजना प्रभावित परिवारों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान संयुक्त सचिव-सह-अपर निदेशक (भू-अर्जन एवं पुनर्वास), अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल, भूमि अर्जन पदाधिकारी, विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, पुनर्वास पदाधिकारी समेत परियोजना के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में विधायक सविता महतो ने प्रशासन एवं विभाग के समक्ष 19 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित पुनर्वास, मुआवजा, भू-अर्जन, रोजगार एवं मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि विस्थापित परिवारों को न्याय मिल सके।

उन्होंने मांग की कि 84 मौजा के 116 गांवों में विकास पुस्तिका एवं पुनर्वास अनुदान के लंबित मामलों का जल्द निष्पादन किया जाए। साथ ही परियोजना से प्रभावित शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रिक्त पदों पर प्राथमिकता के आधार पर नियोजन दिया जाए तथा इंडो डेनिश टूल रूम से प्रशिक्षित लगभग 400 युवाओं को स्थानीय उद्योगों में रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

विधायक ने सभी 22 पुनर्वास स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने, आरएल-171 से 192 मीटर तक प्रभावित परिवारों को चरणबद्ध तरीके से विकास पुस्तिका एवं अनुदान उपलब्ध कराने तथा पुनर्वास स्थलों से अवैध कब्जा हटाकर वास्तविक विस्थापितों को भूखंड आवंटित करने की मांग भी रखी।

इसके अलावा उन्होंने भूखंड आवंटन समिति की नियमित बैठक कराने, पूर्ण पुनर्वास होने तक चांडिल जलाशय का जलस्तर आरएल-180 मीटर से नीचे रखने, आंशिक रूप से प्रभावित गांवों में खेल मैदान विकसित करने तथा चांडिल डैम क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मार्केट कॉम्प्लेक्स, रिसॉर्ट एवं ठहरने की सुविधाएं विकसित करने की भी मांग की।

विधायक ने पुनर्वास कार्यालय पर प्रशासक का पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा परियोजना में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों का प्रत्येक पांच वर्ष में स्थानांतरण करने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि विस्थापितों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और न्यायपूर्ण समाधान सरकार एवं विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक के दौरान प्रशासक राजीव रंजन ने संबंधित अधिकारियों को सभी पुनर्वास स्थलों का समुचित विकास सुनिश्चित करने तथा परियोजना प्रभावित विस्थापितों का आय, जाति एवं आवासीय प्रमाणपत्र शीघ्र जारी कराने के निर्देश दिए।

बैठक में झामुमो केंद्रीय सदस्य काबलू महतो, मुखिया राखहरि सिंह मुंडा, मुखिया प्रतिनिधि सैनिक मांझी, अभय यादव, गुणाधर महतो, पशुपति बागची, सुकदेव महतो, विष्णु महतो, गोपाल महतो, कालाचांद धीवर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं परियोजना प्रभावित लोग मौजूद रहे।

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