बिदरी गांव में स्टोन माइंस व क्रशर मशीन लगाने का ग्रामीणों ने किया विरोध, उपायुक्त को सौंपा आवेदन

राजनगर :- सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड सह अंचल अंतर्गत केंदमुंडी पंचायत के बिदरी गांव टोला धोबो डूंगरी में प्रस्तावित स्टोन माइंस एवं क्रशर मशीन स्थापना का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपायुक्त सरायकेला-खरसावां को आवेदन सौंपकर क्षेत्र में खनन एवं क्रशर संचालन की अनुमति नहीं देने की मांग की है।साथ ही साथ खनन विभाग और राजनगर अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी आवेदन सौंपा।



ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गांव में गुप्त रूप से सादा कागज पर हस्ताक्षर करवाकर ग्रामसभा का स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना पारदर्शिता के खनन कार्य शुरू कराने की योजना बनाई जा रही है।
आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर स्टोन माइंस और क्रशर मशीन लगाने की तैयारी की जा रही है, उसके आसपास खेती की जमीन, जंगल तथा घनी आबादी स्थित है। और 200 मीटर के दायरे में सरकारी स्कूल भी है ,ग्रामीणों का कहना है कि खनन एवं क्रशर संचालन से क्षेत्र में वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, मिट्टी की उर्वरता में कमी तथा फसलों को नुकसान पहुंचेगा। साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि खनन कार्य शुरू होने से आदिवासी मूलवासियों के अस्तित्व और आजीविका पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। गांव में आयोजित ग्रामसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का खनन कार्य एवं क्रशर मशीन स्थापित नहीं होने दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने उपायुक्त से मामले को गंभीरता से लेते हुए स्टोन माइंस एवं क्रशर मशीन की स्थापना और संचालन पर रोक लगाने की मांग की है।

