चांडिल: तीन महीने में कुड़मालि भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, अजीत महतो ने दी महाआंदोलन की चेतावनी

सरायकेला: चांडिल थाना क्षेत्र के हुचुकडीह-डोबो स्थित टिड़ुआर ढ़िंड़ा कुड़मि भवन में रविवार को आदिवासी कुड़मि समाज के केंद्रीय एवं प्रदेश संगठन के प्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया गया। केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में आगामी जनगणना में कुड़मि समाज की जातीय और भाषाई पहचान सुनिश्चित करने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।


सम्मेलन में समाज के संयोजक मुलखुंटि मूलमानता अजीत प्रसाद महतो ने कहा कि सरकार को कुड़मालि भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में सकारात्मक पहल नहीं होने पर कुड़मि समाज की ओर से फिर से महाआंदोलन किया जाएगा।
अजीत महतो ने बताया कि 20 सितंबर को ऐतिहासिक रेल-टेका और डहर-छेंका कार्यक्रम की स्मृति में महासंग्राम दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के बराहबाजार स्थित कड़ाडीह मैदान में “करमतिया करम महाजड़ुआहि” का आयोजन होगा, जिसमें झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम समेत विभिन्न राज्यों से समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज की आगामी रणनीति और आंदोलन की दिशा तय करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। सम्मेलन में कुड़मि समाज की सामाजिक पहचान, अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
केंद्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता सुनील कुमार गुलिआर ने कहा कि बंगाल चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से कुड़मालि भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का आश्वासन दिए जाने की बात समाज की ओर से कही गई थी। उन्होंने कहा कि अब सरकार को अपने वादे को पूरा करना चाहिए।
बैठक में कुड़मि धर्म-कोड की मांग पर भी चर्चा हुई। समाज के नेताओं ने कहा कि तय समय सीमा में सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
मौके पर केंद्रीय उपाध्यक्ष छोटेलाल मुतरुआर, सशधर काड़ुआर, केंद्रीय प्रवक्ता सुनील कुमार गुलिआर, केंद्रीय महासचिव जगेश्वर नागवंशी केसरिआर, केंद्रीय सह-सचिव जयराम हिंदइआर, दीपक पुनअरिआर, पद्मलोचन महतो, केंद्रीय महिला संयोजिका डॉ. कोनिका महतो, गुणधाम मुतरुआर और ध्रुव चरण महतो समेत कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।


