साप्ताहिक जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनी लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश

सरायकेला। समाहरणालय परिसर स्थित उपायुक्त कार्यालय में शुक्रवार को साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में जिले के अलग-अलग प्रखंडों और अंचलों से पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं को लेकर आवेदन सौंपे।


उपायुक्त ने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों पर आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने मौजूद एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में दिव्यांग लोगों के यूडीआईडी कार्ड बनवाने, चांडिल अंचल में पंजी-2 में ऑनलाइन प्रविष्टि और म्यूटेशन रिवीजन से जुड़े मामले भी सामने आए। वहीं वर्ष 1984 के सिख दंगा प्रभावित परिवारों को अब तक क्षतिपूर्ति नहीं मिलने का मामला भी उपायुक्त के समक्ष रखा गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना और अबुआ आवास योजना के तहत निर्माण कार्य में जमीन विवाद के कारण आ रही बाधा से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए। इसके अलावा गम्हरिया प्रखंड के जगन्नाथपुर पंचायत में वर्ष 2022-23 में किए गए भुगतान की जांच की मांग को लेकर भी शिकायत सामने आई।
जगन्नाथपुर पंचायत में नवज्योति स्कूल के पास वर्ष 2018 में सड़क और नाला निर्माण के लिए आवेदन दिए जाने के बावजूद काम अधूरा रहने की शिकायत भी की गई। लोगों ने जलजमाव और कीचड़ की समस्या को देखते हुए अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराने की मांग रखी।
जनता दरबार में चौका से चाईबासा और कांड्रा से चांडिल तक जर्जर सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग भी उठी। चौका थाना क्षेत्र में जमीन की जबरन मापी और खरीद-बिक्री के लिए दबाव बनाने की शिकायत भी उपायुक्त के समक्ष रखी गई।
आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड नंबर एक में नाली, पानी, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग से जुड़ा आवेदन भी दिया गया। वहीं मौजा आनंदपुर स्थित प्राचीन बाबा आश्रम के सौंदर्यीकरण के लिए फेवर ब्लॉक सहित अन्य कार्य कराने की मांग भी सामने आई।
इसके अलावा जनता दरबार में कई अन्य व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर जांच कर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया।


