मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0′ के तहत हितधारक परामर्श बैठक आसनबनी में संपन्न

रानीश्वर (दुमका): झारखंड की उपराजधानी दुमका जिले के रानीश्वर प्रखंड स्थित अग्र परियोजना केंद्र, आसनबनी में मंगलवार को “मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0” रेशम प्रौद्योगिकी हस्तांतरण अभियान के तहत हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया गया।


बैठक में रानीश्वर की अंचल अधिकारी सह अग्र परियोजना केंद्र की पदाधिकारी शदा नुसरत सहित रेशम किसान, हितधारक एवं विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। यह अभियान केंद्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीटीआर एंड टीआई), रांची द्वारा संचालित किया जा रहा है।
बैठक का मुख्य उद्देश्य रेशम उत्पादन से जुड़ी नवीन वैज्ञानिक तकनीकों का प्रसार, किसानों को आधुनिक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना तथा रेशम उद्योग को अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना था।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने रेशम कीट पालन, पौधारोपण, रोग एवं कीट प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण कोया उत्पादन तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए गए।
वक्ताओं ने कहा कि “मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0” अभियान का उद्देश्य रेशम किसानों की आय में वृद्धि, उत्पादन क्षमता का विस्तार तथा वैज्ञानिक तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाना है। उन्होंने किसानों से नई तकनीकों को अपनाकर रेशम उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।
बैठक के अंत में किसानों ने अभियान की सराहना करते हुए इसे रेशम विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।यदि चाहें, मैं इसे एसएन न्यूज़ की शैली में आकर्षक शीर्षक, उपशीर्षक और फोटो कैप्शन के साथ भी तैयार कर सकता हूँ।

