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सरायकेला-खरसावां में MSME को बढ़ावा देने पर RBI की नगर समागम बैठक, ऋण और बैंकिंग सुविधाओं पर हुई चर्चा

सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने और उद्यमियों तक बैंकिंग एवं ऋण सुविधाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक, रांची कार्यालय की ओर से नगर समागम बैठक आयोजित की गई। 21 अगस्त 2026 को आयोजित बैठक की अध्यक्षता भारतीय रिजर्व बैंक, झारखंड की क्षेत्रीय निदेशक रक्षा मिश्र ने की।

 

बैठक में एमएसएमई-डीएफओ के निदेशक, एसएलबीसी के उप महाप्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक समेत विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, आदित्यपुर लघु उद्योग संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में उद्यमी शामिल हुए। बैठक में एमएसएमई क्षेत्र के विकास, ऋण सुविधाओं की पहुंच और बैंकिंग से जुड़े नियामकीय प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन पर चर्चा हुई।

 

क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से लागू विभिन्न प्रावधानों और पहलों की जानकारी दी। बताया गया कि बिना संपार्श्विक ऋण की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गई है, जबकि सुदृढ़ वित्तीय रिकॉर्ड वाले उद्यमों के लिए यह सीमा 25 लाख रुपये तक है।

 

इसके अलावा 25 लाख रुपये तक के एमएसई ऋण आवेदनों पर 14 कार्य दिवसों के भीतर निर्णय, सरल भाषा में Key Facts Statement, TReDS प्लेटफॉर्म, फ्लोटिंग रेट ऋणों के पूर्व भुगतान से जुड़े शुल्क और CGTMSE कवरेज के विस्तार जैसे प्रावधानों की जानकारी दी गई।

 

बैठक में बैंकों से इन नियामकीय प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। वहीं, उद्यमियों और उद्योग संघों से भी उपलब्ध बैंकिंग सुविधाओं एवं आरबीआई के प्रावधानों की जानकारी रखने और उनका लाभ उठाने की अपील की गई।

 

कार्यक्रम के दौरान आरबीआई अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर जागरूकता सत्र आयोजित किए। कुछ उद्यमियों ने अपनी उद्यमिता यात्रा, संघर्ष और सफलता की कहानियां भी साझा कीं। इससे अन्य प्रतिभागियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरणा मिली।

 

कार्यक्रम स्थल पर जिले और राज्य के विभिन्न उद्यमियों की ओर से उत्पाद प्रदर्शनी के लिए स्टॉल भी लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय एमएसएमई उत्पादों, नवाचार और उद्यमिता की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया।

 

नगर समागम बैठक का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों, बैंकों और अन्य संबंधित हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, ऋण एवं बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच आसान बनाना और नियामकीय प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। बैठक के माध्यम से जिले में एमएसएमई क्षेत्र के सतत विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

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