सेवानिवृत्त बीसीसीएल कर्मी के पीएफ खाते से 35.5 लाख की ठगी, न्याय की मांग को लेकर परिवार भूख हड़ताल पर बैठा

धनबाद: बीसीसीएल से सेवानिवृत्त एक कर्मी की जीवनभर की जमा-पूंजी साइबर ठगी का शिकार हो गई। लोयाबाद क्षेत्र निवासी वासदेव ठाकुर के पीएफ खाते से कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और जाली हस्ताक्षरों के माध्यम से 35.5 लाख रुपये निकाल लिए गए। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित परिवार सोमवार से रणधीर वर्मा चौक पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गया है।


पीड़ित वासदेव ठाकुर ने बताया कि अक्टूबर 2025 में सेवानिवृत्ति के बाद उनके खाते में पीएफ की राशि जमा हुई थी। कुछ समय बाद उन्हें जानकारी मिली कि खाते से पूरी रकम अवैध तरीके से निकाल ली गई है। इसके बाद उन्होंने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।
परिवार का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम की निकासी बिना किसी अंदरूनी सहयोग के संभव नहीं है। उन्होंने मामले में बैंक कर्मियों, बिचौलियों और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
भूख हड़ताल पर बैठे परिजनों ने कहा कि जब तक उनकी पूरी राशि वापस नहीं मिलती और मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। परिवार का आरोप है कि घटना के कई महीने गुजर जाने के बावजूद उन्हें अभी तक पूर्ण न्याय नहीं मिल सका है।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार पुलिस अब तक करीब 3.5 लाख रुपये बरामद करने में सफल रही है। हालांकि ठगी गई अधिकांश राशि का पता लगाया जाना बाकी है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि रकम का बड़ा हिस्सा देश के विभिन्न राज्यों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया था, जिसकी पड़ताल की जा रही है।
मामले को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भी चिंता देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मियों की मेहनत की कमाई की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। अब सभी की नजर प्रशासन और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

